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यूएई में MOHRE के 9 कौशल स्तर: नौकरी, दस्तावेज़ और रेज़िडेंसी पर क्या असर पड़ता है
निजी क्षेत्र में पेशे का वर्गीकरण योग्यता और रोजगार दस्तावेज़ों से जुड़ा है, लेकिन यह अपने-आप वेतन या रेज़िडेंसी की पात्रता तय नहीं करता।
यूएई के निजी क्षेत्र में नौकरी स्वीकार करते समय पदनाम और वेतन के साथ यह समझना भी उपयोगी है कि संबंधित पेशा किस कौशल स्तर में दर्ज है। मानव संसाधन और अमीरातीकरण मंत्रालय, यानी MOHRE, पेशों को नौ स्तरों में वर्गीकृत करता है। इस व्यवस्था में आवश्यक योग्यता, अनुभव और काम की जटिलता जैसे पहलू मायने रखते हैं। दर्ज श्रेणी रोजगार संबंधी दस्तावेज़ों, योग्यता की जरूरत और कुछ रेज़िडेंसी प्रक्रियाओं पर असर डाल सकती है।
नौकरी तलाशने वालों के लिए इसका व्यावहारिक अर्थ है कि डिग्री, पेशेवर लाइसेंस, अनुबंध में दर्ज पेशा और वर्क परमिट को एक ही चीज़ न माना जाए। नियोक्ताओं को भी भूमिका का कंपनी की लाइसेंस प्राप्त गतिविधियों तथा उपलब्ध वर्क परमिट कोटे से मेल देखना होता है। कौशल स्तर इस संबंध को समझने का आधार है, न कि किसी निश्चित वेतन, पारिवारिक स्पॉन्सरशिप या लंबी अवधि की रेज़िडेंसी की गारंटी।

नौ स्तरों में आपका पेशा कहाँ आता है?
MOHRE का वर्गीकरण प्रबंधकीय और विशेषज्ञ भूमिकाओं से लेकर बुनियादी कार्यों वाले पेशों तक फैला है। इनमें कार्यालय, सेवा, कृषि, शिल्प और मशीन संचालन से जुड़े काम भी शामिल हैं। किसी स्तर को केवल व्यक्ति की डिग्री या अनुभव का निजी मूल्यांकन न समझें; इसका आधार संबंधित पेशे के लिए आवश्यक कौशल और काम की प्रकृति है।
- स्तर 1: विधि-निर्माता, प्रबंधक और व्यावसायिक कार्यकारी।
- स्तर 2: वैज्ञानिक, तकनीकी और मानविकी क्षेत्रों के पेशेवर।
- स्तर 3: वैज्ञानिक, तकनीकी और मानविकी क्षेत्रों के तकनीशियन।
- स्तर 4: लिपिकीय सहायता कर्मी।
- स्तर 5: सेवा और बिक्री कर्मचारी।
- स्तर 6: कृषि, वानिकी और मत्स्य क्षेत्र के कुशल कर्मचारी।
- स्तर 7: शिल्प और संबंधित ट्रेड के कर्मचारी।
- स्तर 8: संयंत्र तथा मशीन ऑपरेटर और असेंबली कर्मचारी।
- स्तर 9: बुनियादी कार्यों वाले पेशे।
अपना स्तर समझने के लिए दर्ज पेशा देखें
कर्मचारी को अपने श्रम अनुबंध और लेबर कार्ड में आम तौर पर पेशे का कोड मिल सकता है। इस कोड को MOHRE की आधिकारिक पेशा-विवरण सूची से मिलाकर संबंधित श्रेणी समझी जा सकती है। रोज़मर्रा में इस्तेमाल होने वाला पदनाम अपने-आप में वर्गीकरण का पूरा विवरण नहीं देता।
नौकरी तलाशते समय इसलिए केवल पदनाम के आकर्षण पर ध्यान न दें। भूमिका में किया जाने वाला काम, उसके लिए अपेक्षित योग्यता और रोजगार दस्तावेज़ों में दर्ज पेशा एक साथ समझना उपयोगी है। नियोक्ता के लिए भी यही तालमेल भर्ती और वर्क परमिट की प्रक्रिया का महत्वपूर्ण हिस्सा है।
डिग्री, डिप्लोमा और पेशेवर लाइसेंस की भूमिका
स्तर 1 से 3 की भूमिकाओं में सामान्यतः डिप्लोमा, डिग्री या उससे उच्च योग्यता अपेक्षित होती है। प्रबंधकीय भूमिका, वैज्ञानिक पेशे और तकनीशियन का काम अलग-अलग श्रेणियों में आते हैं; इसलिए सभी पदों पर एक जैसी शैक्षणिक शर्त लागू मानना सही नहीं होगा। कुशल पेशों के लिए संबंधित योग्यता का सक्षम प्राधिकारियों से सत्यापन या अटेस्टेशन भी आवश्यक हो सकता है।
कुछ पेशों में शैक्षणिक प्रमाणपत्र के अतिरिक्त संबंधित प्राधिकरण का पेशेवर लाइसेंस चाहिए। डॉक्टर, नर्स, शिक्षक, वकील और कानूनी सलाहकार इसके उदाहरण हैं। किसी कौशल स्तर में आना उस पेशे का लाइसेंस मिलने का विकल्प नहीं है।
निचले कौशल स्तरों में योग्यता संबंधी शर्तें अलग होती हैं। स्तर 6 से 9 के कर्मचारियों के लिए MOHRE का अनिवार्य तौजीह प्रशिक्षण भी आवश्यक हो सकता है। इसमें यूएई के श्रम कानून, कर्मचारी अधिकार और जिम्मेदारियाँ शामिल होती हैं।
4,000 दिरहम की सीमा को न्यूनतम वेतन न समझें
कुछ निर्धारित उद्देश्यों के लिए MOHRE के वर्गीकरण में ऐसे कर्मचारी कुशल श्रमिक नहीं माने जाते जिनका मासिक वेतन 4,000 दिरहम से कम है या जिनके पास डिग्री नहीं है। इसका अर्थ यह नहीं है कि केवल 4,000 दिरहम का वेतन मिलने से कोई व्यक्ति अपने-आप कुशल श्रेणी में आ जाता है। पेशा और योग्यता भी प्रासंगिक हैं।
यह राशि वर्गीकरण से जुड़ी एक शर्त है, सभी नौकरियों के लिए सार्वभौमिक न्यूनतम वेतन नहीं। इसी तरह नौ कौशल स्तरों को वेतन की नौ निश्चित सीढ़ियों की तरह नहीं पढ़ना चाहिए। नौकरी की पेशकश में वेतन समझते समय संबंधित भूमिका और उस पर लागू शर्तों को अलग से देखना जरूरी है।
वर्क परमिट और रेज़िडेंसी में फर्क बनाए रखें
वर्क परमिट रोजगार की अनुमति से संबंधित है, जबकि रेज़िडेंसी अनुमति यूएई में रहने से जुड़ी है। कौशल वर्गीकरण दोनों प्रक्रियाओं में प्रासंगिक हो सकता है, लेकिन एक प्रक्रिया की पात्रता को दूसरी की स्वतः मंज़ूरी नहीं समझना चाहिए।
कुशल श्रेणियों में आने वाले कर्मचारियों को रेज़िडेंस वीज़ा रद्द होने के बाद अधिक लंबी मोहलत मिल सकती है। परिवार या आश्रितों को स्पॉन्सर करने की पात्रता में भी वर्गीकरण प्रासंगिक हो सकता है, लेकिन लागू वेतन और अन्य शर्तें पूरी करना जरूरी रहता है। केवल कौशल स्तर के आधार पर पारिवारिक स्पॉन्सरशिप तय नहीं होती।
डिग्री या विशेष प्रमाणन रखने वाले उच्च-कुशल पेशेवरों के लिए गोल्डन वीज़ा जैसे दीर्घकालिक रेज़िडेंसी विकल्प उपलब्ध हो सकते हैं। फिर भी उच्च कौशल स्तर अपने-आप गोल्डन वीज़ा की पात्रता या मंज़ूरी नहीं देता; संबंधित रेज़िडेंसी श्रेणी की शर्तें अलग से लागू होती हैं।
नियोक्ताओं के लिए भर्ती का व्यावहारिक अर्थ
कंपनी के लिए सही उम्मीदवार चुनना केवल उसके अनुभव और प्रमाणपत्र देखने तक सीमित नहीं है। प्रस्तावित भूमिका का कंपनी की लाइसेंस प्राप्त गतिविधियों और उपलब्ध वर्क परमिट कोटे से मेल होना भी जरूरी है। उम्मीदवार की क्षमता और कंपनी की उस पद पर भर्ती करने की स्थिति, दोनों अलग सवाल हैं।
पेशे का सही वर्गीकरण, आवश्यक योग्यता और वर्क परमिट की शर्तों में तालमेल रखने से दस्तावेज़ों तथा अनुपालन संबंधी समस्याओं से बचने में मदद मिलती है। भर्ती बढ़ाने वाली कंपनियों के लिए इन पहलुओं को साथ समझना विशेष रूप से उपयोगी है।
कर्मचारी के लिए इस व्यवस्था का सबसे व्यावहारिक लाभ स्पष्टता है: वह समझ सकता है कि उसके दर्ज पेशे से कौन-सी शैक्षणिक या लाइसेंस संबंधी अपेक्षाएँ जुड़ी हैं और रोजगार तथा रेज़िडेंसी की किन प्रक्रियाओं में उसका वर्गीकरण मायने रख सकता है।
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स्रोत
ज़रूरतें और प्रक्रियाएँ बदल सकती हैं। ये अतिरिक्त स्रोत आपकी स्थिति से जुड़ी नवीनतम जानकारी पाने में मदद कर सकते हैं।
